Monday, December 21, 2009

deepak chaurasiya hazaribagh me


स्टार के एक कार्यक्रम से दीपक जी यहाँ आये कौन बनेगा  मुख्यमंत्री और जो कहूँगा सच कहूँगा के लिए सूटिंग करना था .कौन बनेगा ........ लाइव प्रोग्राम था इनसब की जिम्मेदारी मेरे ऊपर थी यहाँ से स्टार के लिए भी मुझे ही काम करना होता है सो किया ..दीपक जी का एकदम शांत और चौकन्ना रहना मुझे थोडा अटपटा लगा की जो अपने तरकस के तीर से बेदम किये रहता है वो इतना शांत और बेदम क्यों है लेकिन जब प्रोग्राम का समय नजदीक आया और मेहमानों के बारे में मुझसे जिरह होने लगी और हर जानकारी को जब वो अपने सवालो में दागने लगे तो पता चला क्यों ये दीपक दमकता रहता है ......बहुत कुछ सीखा अछा लगा

jab main mila Deepak Chaurasia se



एक लाइव प्रोग्राम और यशवंत सिन्हा से इंटरव्यू करने आये दीपक चौरसिया जी और सारे तामझाम की व्यवस्था मुझे ही करनी थी स्टार का काम भी यहाँ से देखना होता है सो किया .शांत और न जाने क्यों संदेह की दृष्टी रखने वाले दीपक जी सबको अटपटे लगे पर जब प्रोग्राम शुरू होने के पहले स्थानीय समस्याओं और भागीदारी करने आये सज्जनों के बारे में मुझसे जिरह किया तो लगा क्यों ये दीपक रोज और दमकता जा रहा है ......